मोटापे के इलाज में बड़ी राहत, सरकारी अस्पताल में मुफ्त बेरिएट्रिक सर्जरी शुरू

इंदौर
 मध्य प्रदेश में अब मोटापे से परेशान लोगों को सरकारी स्तर पर मोटापे से मुक्ति मिल सकेगी. दरअसल, पहली बार इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में नि:शुल्क बेरिएट्रिक सर्जरी (वजन घटाने की सर्जरी) की शुरुआत की गई है. यहां पर 120 किलो वजन की एक महिला का पहला सफल ऑपरेशन किया गया है. यही नहीं अब यहां बेरिएट्रिक क्लिनिक शुरू होने जा रही है.

प्राइवेट अस्पताल में बेरिएट्रिक सर्जरी का खर्च कम से कम 4-5 लाख

दरअसल, प्रदेश भर में ऐसे हजारों लोग हैं जो मोटापे से परेशान हैं. इनमें कई ऐसे मरीज हैं जो 100 किलो के वजन को पार कर गए हैं. ऐसे लोगों को तमाम बीमारियों के अलावा हार्ट अटैक, डायबिटीज, हाईपरटेंशन और अन्य खतरे सर्वाधिक रहते हैं. लेकिन इससे बचने के लिए जो बेरिएट्रिक सर्जरी जरूरी है, निजी अस्पतालों में उसका शुल्क न्यूनतम 4 से 5 लाख है. इस स्थिति में मध्यम और गरीब वर्ग के ज्यादातर लोग यह सर्जरी नहीं करवा पाते.

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इंदौर की एक 120 किलो वजन की महिला का सफल ऑपरेशन

यही परेशानी इंदौर के खजराना क्षेत्र की निवासी 30 वर्षीय गुलअफशा नामक महिला की थी जिसने अपना वजन 120 किलो होने के कारण इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया के समक्ष इलाज की गुहार लगाई थी. इसके बाद डॉ. घनघोरिया की सर्जरी टीम ने बरिएट्रिक सर्जरी प्लान की. डाइट प्लान तय किया और ऑपरेशन की तारीख 12 फरवरी तय की.इसके बाद महिला की सर्जरी एम वाय एच अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक पद्धति द्वारा की गई. इसे मिनी गैस्ट्रिक बायपास (MGB) बेरिएट्रिक के रूप में किया गया. जो दूरबीन द्वारा फ्री में किया गया.

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डॉ. घनघोरिया ने बताया "इस तरह के आपरेशन में स्पेशल बेरिएट्रिक लेप्रोस्कोपिक सेट लगता है तथा महंगे स्टेपलर लगते हैं, जिनका खर्च शासन द्वारा वहन किया गया. ऑपरेशन के बाद 5 दिन चले उपचार के बाद 17 फरवरी को महिला को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. महिला को अब जल्द ही मोटापे से मुक्ति मिलने की उम्मीद बंधी है जिसे लेकर वह खासी खुश है. प्राइवेट और कॉर्पोरेट अस्पताल में उसे सर्जरी का 4 से 5 लख रुपए का खर्च बताया गया था. इसके अलावा उसे हर महीना ₹10,000 की दवाइयां बताई गई थी. लेकिन सरकारी अस्पताल में यही सर्जरी फ्री में होने के कारण उसे बड़ी सौगात मिल सकी है."

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इंदौर में खुलेगी पहली बेरिएट्रिक क्लिनिक

दरअसल, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मरीज का फ्लो सर्वाधिक रहने के कारण इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अब बरिएट्रिक सर्जरी के लिए अलग से विशेष क्लिनिक शुरू करने का फैसला किया है. डॉ, घनघोरिया ने बताया जल्द ही मेडिकल कॉलेज के अधीन इंदौर में पहले सरकारी बेरियाट्रिक क्लिनिक का शुभारंभ होगा.

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